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Budget 2020 : देश में मुख्य समस्या बेरोज़गारी, बजट में इसपर कोई ठोस प्रावधान नहीं

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ग्राउंड रिपोर्ट । न्यूज़ डेस्क

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) ने शनिवार को सदन में 2020-21 का आम बजट (Budget 2020) पेश किया।  निर्मला सीतारमण ने इस बार रिकॉर्ड समय 2 घंटे 40 मिनट का बजट भाषण पढ़ा। बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि हम लोगों के हाथ में पैसा रखना चाहते थे, खासतौर से मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग में। इसके अलावा हम कर प्रणाली की जटिलता को भी आसान बनाना चाहते थे। 

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बजट पर नेताओं की प्रतिक्रियाएं

राहुल गांधी ने कहा- मुख्य समस्या बेरोजगारी है। बजट में ऐसा कोई ठोस प्रावधान नहीं दिखा, जिससे हमारे युवाओं को रोजगार मिले। इसमें कोई विचार नजर नहीं आया। सरकार अपनी पीठ थपथपाती दिखी।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा- दिल्ली के लोगों को पूरी उम्मीद है कि केंद्र सरकार बजट में दिल्ली के हितों की रक्षा करेगी। चुनाव के मद्देनजर दिल्ली को और भी ज्यादा मिलना चाहिए। बजट बताएगा कि भाजपा को हम दिल्लीवालों की कितनी परवाह है।

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माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा- जब तक मोदी सरकार के मंत्री और भाजपा के नेता भारतीय समाज को नष्ट करने के लिए काम करेंगे, तब तक देश में कोई भी आर्थिक पुनरुत्थान नहीं हो सकता। वहीं, राजद ने कहा- ‘गोली मारो…’ का नारा देने वाले वित्त राज्यमंत्री आज देश को बता रहे हैं कि बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ वाला है।

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा- मुझे खुशी है कि वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि राजकोषीय घाटा 3.8% है। उनको देश को यह भी बताना चाहिए था कि अगर आप यूनियन और स्टेट का घाटा जोड़े तो यह 8% से ज्यादा है जो देश के लिए चिंता की स्थिति है।

बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार शॉ ने कहा- हमारे आर्थिक कैंसर को कीमोथेरेपी की नहीं बल्कि इम्यूनोथेरेपी की जरूरत है। हमें इसके कारणों से लड़ने की जरूरत है न कि इसके लक्षणों से। उम्मीद है 2020 के बजट में इस पर भी ध्यान दिया जाएगा। वित्तीय सृजन हमारी आर्थिक प्रतिरक्षा तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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