Buddha Purnima 2021:

Buddha Purnima 2021: 26 मई बुधवार को मनाई जाएगी बुद्ध पूर्णिमा, इसके बारे में महत्वपूर्ण तथ्य जानिए

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Buddha Purnima 2021: Hindu Calendar के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा का त्यौहार हर साल वैशाख पूर्णिमा( Vaishakh Purnima) के दिन मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है , की इस दिन भगवान बुद्ध (Lord Gautam Buddha) का जन्म लुंबिनी में हुआ था। इस दिन ही उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ था। इस पर्व को सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में बुद्ध धर्म को मानने वाले लोग बड़ी आस्था और विश्वास के साथ बहुत ही धूम धाम से मनाते है। इस दिन को इतिहास के पन्नों में एक विशेष दर्जा दिया गया है।

Buddha Purnima क्यों मनाई जाती है

पुरानी मान्यताओं के अनुसार Lord Gautam Buddha भगवान विष्णु के नौवें अवतार माने जाते है। Purnima के दिन ही इन्हें बुद्धत्व ज्ञान की प्राप्ति भी हुई थी।जिसके बाद उन्होंने पूरी दुनिया में अपने ज्ञान से एक नई उम्मीद और रोशनी पैदा कर दी थी। यह पर्व बौद्ध धर्म के लोग ही नहीं , हिंदू धर्म के लोग भी बड़ी धूमधाम से मनाते है।

Who was Gautam Buddha गौतम बुद्ध कौन थे ?

गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व में सिद्धार्थ गौतम के रूप में हुआ था। वह शाकाल के राजकुमार थे। इनकी शादी 16 वर्ष की उम्र में ही हो गई थी। इसके बाद 27 साल की उम्र में उन्होंने अपनी पत्नी और महल को छोड़ दिया। कई स्थानों में भटकने के बाद 35 वर्ष की उम्र में वह बोधगया आए। एक पेड़ के नीचे बैठ कर 31 दिनों की साधना के बाद उन्हें निर्वाण, स्थायित्व की प्राप्ति हुई।इस तरह वह बुद्ध बन गए।

READ:  Twitter के खिलाफ सरकार का बड़ा एक्शन, नए नियमों को लेकर दी आखिरी चेतावनी

Buddha Purnima 2021: एक राजकुमार कैसे बना शांति दूत, कौन थे भगवान बुद्ध? जानिए इसका इतिहास

History of Buddha Purnima क्या है इसका इतिहास?

यह पर्व भारत में ही नहीं बल्कि विदेश में भी मनाया जाता है। बुद्ध पूर्णिमा को 20वीं सदी में एक विशेष दर्जा प्राप्त नहीं था। सन् 1950 में श्रीलंका में बौद्ध सभा का आयोजन हुआ था। जिसके बाद लोगों को इसके बारे में पता चला, और इस दिन को एक विशेष दर्जा दिया गया। इस दिन अवकाश रखने की भी मंजूरी दी गई।

Buddha Purnima कैसे मनाया जाता है

यह पर्व बोधगया में मनाया जाता है। इस दिन लोग मंदिर और वहा के क्षेत्र को रंगीन बौद्ध झंडों, रोशनी, मोमबत्तियों, दीयों से सजाते है।इस दिन भिक्षुओं का रंगारंग जुलूस निकाला जाता है और, मिठाई,नमकीन के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग सफेद कपड़े पहनते है, और बुद्ध के दिए गए उपदेश घरों में गूंजते है।

बुद्ध पूर्णिमा के दिन क्या नहीं करना चाहिए

Non Veg नहीं खाना चाहिए। घर में लड़ाई या अपशब्द नही कहना चाहिए। इस दिन झूठ भी नहीं बोलना चाहिए।

READ:  IIFCO: इफको जल्द ही कर्नाटक में नैनो यूरिया (Nano Urea) उत्पादन स्थापित करेगा

भगवान बुद्ध के महत्वपूर्ण उपदेश

1. मनुष्य को अपने अतीत के बारे में नहीं सोचना चाहिए।

2. अपने शरीर को स्वस्थ्य रखना चाहिए।

3.किसी भी मोह माया का लोभ नहीं रखना चाहिए।

इस साल बुद्ध पूर्णिमा की तिथि

बुद्ध पूर्णिमा तिथि- 26 मई 2021

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ -25 मई 2021 को रात 8 बजकर 29 मिनट से

पूर्णिमा तिथि समाप्त -26 मई 2021 को शाम 4 बजकर 43 मिनट तक

आप ग्राउंड रिपोर्ट के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@gmail.com पर मेल कर सकते हैं।

%d bloggers like this: