मध्यप्रदेश में हाथ और हाथी साथ, जल्द हो सकता है गठबंधन का ऐलान

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भोपाल।। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में बहुजन समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत आखिरी दौर में पहुंच चुकी है। आगामी 17 तारीख को राहुल गांधी मध्यप्रदेश जाने वाले हैं और वहां इस गठजोड़ का औपचारिक ऐलान कर सकते हैं।

पिछले दिनों कमलनाथ को दिल्ली बुलाया गया था, मकसद था एक जैसी विचारधारा वाली पार्टियों को साथ लाने पर विचार। कमलनाथ ने मीडिया को बताया कि राहुल गांधी 17 तारीख को भोपाल आने वाले हैं जहां वो कार्यकर्ताओं से बात करेंगे साथ ही गठबंधन को अंतिम रूप देंगे। मध्यप्रदेश में बसपा, सपा और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को कांग्रेस अपने पाले में लाने में लगी हुई है।

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राहुल गांधी कई मंचों से लाइक माइंडेड पार्टी के साथ आकर चुनाव लड़ने की बात कहते रहे हैं। वहीं मायावती ने कहा था कि सम्मानजनक सीटें मिलने पर ही गठबंधन पर विचार करेंगी। लेकिन उत्तरप्रदेश के उपचुनावों में सपा के साथ गठबंधन के बाद जो जीत का स्वाद बसपा ने चखा उसके बाद से मायावती गठबंधन के फ़ॉर्मूले को खूब इस्तेमाल कर रही हैं। कर्नाटक में बसपा ने जेडीएस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और हरियाणा में INLD के साथ मिकलर चुनाव लड़ने की घोषणा बसपा की ओर से हो चुकी है।

अगर वोट शेयर की हिसाब से गणित लगाया जाए तो कांग्रेस का वोट शेयर 2013 चुनाव में 36.38% था और बसपा का वोट शेयर 6.29% साथ आने के बाद यह हो जाएगा 43% जो भाजपा के वोट शेयर 44.88% से थोड़ा कम है।

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बसपा का जनाधार विंध्य और चम्बल संभाग में रहा है। यहां कांग्रेस और बसपा के बीच वोट बंट जाने के कारण भाजपा को फायदा होता रहा है।

अगर हाल ही में जारी हुए ओपिनियन पोल्स पर ध्यान दें तो सभी में कांग्रेस को बढ़त है। जो बसपा को अलग रखकर किये गए हैं। गठबंधन हो जाने बाद स्थिति पूरी तरह कांग्रेस के पक्ष में जा सकती है।

पहले से मुश्किल में दिख रही भाजपा के लिए गठजोड़ और मुश्किल खड़ी कर देगा। लेकिन शिवराज सरकार को अपने किये हुए काम पर पूरा भरोसा है। और इसमें भी कोई दोराय नहीं कि शिवराज अभी भी सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री उम्मीदवार हैं।