मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप केस: क्या हम बिहारियों का अपना कोई ज़मीर नहीं है?

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नई दिल्ली/मुजफ्फरपुर, 25 जुलाई। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थित एक बालिका गृह में रहने वाली 29 बच्चियों के साथ हुए दुषकर्म का मामला यूं तो मीडिया की सुर्खियों में छाया हुआ है लेकिन इस मामले में लोगों का उदासीन रवैया अपने आप में हैरान करने वाला है। एक ओर जहां देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग रेप की घटनाओं के खिलाफ सड़कों पर कैंडल मार्च और प्रदर्शन करते हुए नजर आते हैं लेकिन इतनी बड़ी घटना हो जाने के बावजूद भी लोगों की चुप्पी बिहार के रहने वाले एक युवक को रास नहीं आ रही है।

बिहार के बेगुसराय के रहने वाले अविनाश चंचल ने इस पूरे घटनाक्रम पर गुस्सा जाहिर करते हुए सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि, क्या हम बिहारियों का अपना कोई जमीर नहीं है? मुजफ्फरपुर के एक बालिका-गृह में चालीस बच्चियों के साथ यौन-हिंसा होती रही। करीब दो महीने पहले ही यह मामला राज्य के लोगों के सामने आ चुका था। कुछ हफ्ते से छिटपुट मीडिया में भी खबरें आने ही लगी थी। लेकिन पिछले एक हफ्ते से ज्यादा से बिहार के कई हिस्सों में घूम रहा हूं… किसी ने भी इस घटना पर दुख नहीं जताया है, किसी ने भी इसपर विरोध करना तो दूर चर्चा करना भी जरुरी नहीं समझा।

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उन्होंने गुस्सा जाहिर करते हुए आगे लिखा, ऐपवा के प्रोटेस्ट को छोड़ दें और विधानसभा में हंगामे के अलावा, पटना की सड़कों पर इन शोषित बच्चियों के लिये कोई आवाज उठाता नहीं दिख रहा, एक अजीब तरह की खामोशी है। कहीं कोई उफ्फ नहीं, कहीं कोई बैचेनी नहीं। बिहार से पलायन कर चुके लोगों को पता नहीं इस बात से कोई फर्क पड़ रहा है या नहीं, लेकिन यकीनन, बिहार में रहने वालों के लिये ये बस अखबार की एक रुटिन खबर मात्र है।

क्या है मामला
बिहार के मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम में रह रही चालीस बच्चियों के यौन शोषण का मामला बीती 31 मई को सामने आया था, जहां इनमें से कुछ बच्चियों के गर्भवती होने की भी पुष्टि हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में आई पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (पीएमसीएच) की मेडिकल रिपोर्ट में  29 बच्चियों के साथ रेप की पुष्टी हो चुकी है। हांलाकि अब भी कई लड़कियों की मेडिकल रिपोर्ट आना बाकी है।

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विरोध करने पर बच्ची की हत्या, जमीन में दफनाया
इस पूरे मामले में बालिका आश्रय घर में रह रही एक लड़की ने चौकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि जब उसके साथ की एक लड़की ने वहां के स्टाफ के साथ असहमति जताई तो स्टाफ ने पहले उसे बुरी तरह पीटा और जब वो मर गई तो जमीन में दफन कर दिया। बच्ची के बयान के अनुसार पुलिस मृत बच्ची के शव की बरामदगी के लिए आसपास के इलाके में खुदाई तो कर रही है लेकिन अब तक उसे कोई सफलता नहीं मिल पाई है।

शेल्टर होम बंद, 10 गिरफ्तार
फिलहाल इस आश्रय गृह को बंद कर दिया गया है। इसे करीब 44 लड़कियां रह रही थी। वहीं राज्य सरकार द्वारा संचालित इस शेल्टर होम में लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न करने के आरोप में जिला प्रशासन के अधिकारी सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

ऐसे हुआ खुलासा
इस साल मई महीने में टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के सोशल ऑडिट के दौरान इस मामले का खुलासा हुआ। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि शेल्‍टर होम में रह रही छह लड़कियां गायब साल 2013 से 2018 के बीच गायब हुई हैं। इन लड़कियों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

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नशे का इंजेक्शन देने के बाद करते थे रेप
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेडिकल जांच में इस बात की भी पुष्टी हुई है कि शेल्टर होम में रह रही इन बच्चीयों के साथ बुरी तरह मारपीट होती थी। उनके शरीर पर कई जगह चोट के निशान पाए गए हैं। उन्हें पहले नशे का इंजेक्शन दिया जाता था इसके बाद आरोपी बलात्कार करते थे।

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