बिहार में बाढ़

बिहार में बाढ़ : 7 लाख 66 हज़ार 7 सौ 26 हेक्टेयर में लगी फसल को हुआ भारी नुक़सान

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देश के कई राज्य इस वक़्त बाढ़ से मची तबाही से जूझ रहे हैं। इन्हीं राज्यों में से एक राज्य है बिहार। राजनीति के मैदान में हमेशा चर्चा का विषय बना रहने वाला बिहार बाढ़ से मची तबाही के बाद चर्चा का विषय नहीं बना। बिहार में उफनती नदियों के पानी से नए क्षेत्रों के जलमग्न हो जाने से बाढ़ की स्थिति और बिगड़ी है। बिहार में बाढ़ ने 14 ज़िलों को बुरी तरह से प्रभावित किया है।   

आपदा प्रबंधन विभाग से सोमवार को प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रदेश के 14 ज़िलों सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, खगड़िया, सारण, समस्तीपुर, सिवान एवं मधुबनी में 56,53,704 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

प्रभावित ज़िलों में NDRF का बचाव और राहत कार्य जारी

इनमें से 4,18,490 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चुका है। 17,554 लोग 19 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।  दरभंगा जिले में सबसे अधिक 18,61,960 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बिहार के बाढ़ प्रभावित इन जिलों में बचाव और राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कुल 31 टीमों की तैनाती की गई है।

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बाढ़ से कुल 13 लोगों की मौत हो चुकी है जिसमें से दरभंगा जिले में सबसे अधिक सात, पश्चिम चंपारण में चार, मुजफ्फरपुर में दो लोगों की मौत हुई है।

बाढ़ के कारण बिहार में फसलों को भारी नुक़सान

प्रभात खबर के मुताबिक, कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस साल बाढ़ से सात लाख 66 हजार सात सौ 29 हेक्टेयर में लगी फसल को क्षति पहुंची है। बाढ़ का पानी निकलने के बाद ही फसल के नुकसान का पूरा आकलन हो पाएगा।

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बिहार के इन जिलों में बाढ़ का कारण अधवारा समूह नदी, लखनदेई, रातो, मरहा, मनुसमारा, बागमती, अधवारा समूह, कमला बलान, गंडक, बूढ़ी गंडक, कदाने, नून, वाया, सिकरहना, लालबेकिया,तिलावे, धनौती, मसान, कोशी, गंगा, कमला बलान, करेह एवं धौंस नदी के जलस्तर का बढ़ना है।

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