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बीड़ी-तंबाकू के सेवन करने वालों से देश को हर साल 80,000 करोड़ की चपत: रिपोर्ट

Bidi-Tobacco consuming the country every year 80,000 crores of rupees : Report, pic: groundreport.in/komal badodekar
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नई दिल्ली, 30 दिसंबर। बीते कुछ सालों में भारत में ऐसे लोगों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है जो बीड़ी पीने के शौकीन हैं। लेकि आपको जानकार हैरानी होगी कि बीड़ी पीने से स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान और समय से पहले मौत होने से देश को हर साल करीब 80,000 करोड़ रुपए की भारी भरकम कीमत चुकानी पड़ रही है। यह संख्या देश में स्वास्थ्य पर होने वाले कुल खर्च का दो फीसदी है।

बीते दिनों टोबैको कंट्रोल की शोध रिपोर्ट में यह चौकाने वाला खुलासा हुआ है। इस शोध रिपोर्ट के मुताबिक, सालाना देश को लग रहे 80 हजार करोड़ रुपये की चपत में सीधे तौर पर बीमारी की जांच, दवाई, डॉक्टरों की फीस, अस्पताल में भर्ती और परिवहन पर होने वाला खर्च इसमें शामिल है।

इसके अलावा टोबैको कंट्रोल नामक जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में आगे कहा गया है, इस परोक्ष खर्च में रिश्तेदारों का समायोजन और परिवार की आय को होने वाला नुकसान भी शामिल है। स्वास्थ्य सेवा खर्च पर राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के आंकड़ों, ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे से बीड़ी पीने से संबंधित आंकड़ों पर आधारित यह रिपोर्ट वर्ष 2017 की है।

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शोध के अनुसार बीड़ी से 2016-17 में 417 अरब रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। रिपोर्ट के लेखक और केरल के कोच्चि स्थित पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर के रिजो एम जॉन ने बताया कि भारत में पांच में से करीब एक परिवार को इस विनाशकारी खर्च का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि, “बीड़ी पीने से होने वाली बीमारियों से ज्यादा लोग गरीब बन रहे हैं।” उन्होंने कहा कि तंबाकू और उससे शरीर को होने वाले नुकसान पर हो रहे खर्च के कारण करीब 15 करोड़ लोग गरीबी के हालात से गुजर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि तंबाकू पर होने वाले खर्च के कारण भारत में खासतौर से गरीब लोग भोजन और शिक्षा पर खर्च वहन नहीं कर पा रहे हैं। भारत में बीड़ी काफी प्रचलित है, तंबाकू के उत्पादन का 80 फीसदी उपयोग लोग करते हैं। नियमित तौर पर बीड़ी पीने वाले 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की तादाद 7.2 करोड़ है।