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भोपाल: हिंदू बन की युवती से शादी अब धर्म परिवर्तन का दबाव

Madhya Pradesh: New law against love jihad, 10 years jails and Rs 50,000 fine, read 8 special things
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मध्यप्रदेश के भोपाल में एक युवक द्वारा नाम और धर्म बदलकर युवती से शादी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवती का आरोप है कि काफी दिनों तक उसका पति उमेश नाम से उसके साथ रहा, लेकिन बाद में असली चेहरा सामने आया। युवती ने कहा कि अब पति उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बना रहा है। इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश में फिर से राजनीति गरमा गई है। इस मामले को लव जिहाद से जोड़ कर देखा जा रहा है।

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क्या है पूरा मामला?

इस मामले में युवती का कहना है कि गेंहूखेड़ा इलाके में रहने वाले युवक से उसकी करीब एक साल पहले मुलाकात हुई थी। तब युवक ने अपना नाम उमेश बताया था। हम दोनो ने मंदिर में शादी की, हमारा एक बच्चा भी है। शादी के 1 साल बाद मुझे पता चला कि मेरे पति का नाम उमेश नहीं, बल्कि सलमान है। युवती का आरोप है कि धर्म परिवर्तन ना करने पर उसे घर में प्रताड़ित किया जा रहा है। पीड़ित युवती की मानें, तो आरोपी पति ने उसके बच्चे को भी मारने की कोशिश की।

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिया इंसाफ का भरोसा

नाम बदलकर शादी करने के बाद पति जब धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने लगा तो युवती शुक्रवार शाम गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के निवास पर मदद मांगने पहुंच गई। गृह मंत्री ने भोपाल डीआईजी को मामले की जांच का आदेश दिया है। पीड़ित को मदद का भरोसा दिया है। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है, मामले की जांच की जाएगी और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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लव जिहाद पर कानून

मध्यप्रदेश में लव जिहाद को लेकर विधेयक लाने की तैयारी चल रही है। इस कानून का उद्देश्य शादी के बाद युवती के जबरन धर्म परिवर्तन पर रोक लगाना है। हाल ही में इसका ड्राफ्ट भी तैयार किया गया है, जिसके तहत लव जिहाद के आरोप सही पाए जाने पर दोषी के खिलाफ 10 साल तक की सजा हो सकती है।

आख़िर ये लव जिहाद है क्या बला ?

आसान भाषा और कम शब्दों में आप इसे यूं समझ सकते हैं। लव जिहाद दो शब्दों से मिलकर बना है। अंग्रेजी भाषा का शब्द लव यानी प्यार, मोहब्बत, इश्क और अरबी भाषा का शब्द जिहाद। जिसका मतलब होता है किसी मकसद को पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देना। यानी जब एक धर्म विशेष को मानने वाले दूसरे धर्म की लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फंसाकर उस लड़की का धर्म परिवर्तन करवा देते हैं तो इस पूरी प्रक्रिया को लव जिहाद कहा जाता है। लव जिहाद की ये परिभाषा हमारे देश की मीडिया और कुछ कट्टर हिंदू संगठन ने मिलकर तय की है।

अबतक लव जिहाद जैसे शब्द को कानूनी मान्यता प्राप्त नहीं थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मान लिया है कि लव जिहाद होता है और मुस्लिम युवक हिंदू लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन करवाकर लव जिहाद करते हैं। इसकी शुरुआत तब हुई जब केरल हाईकोर्ट ने 25 मई को हिंदू महिला अखिला अशोकन की शादी को रद्द कर दिया था। अखिला अशोकन ने दिसंबर 2016 में मुस्लिम शख्स शफीन से निकाह किया था।

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केंद्र का इस मसले पर रुख

केंद्र सरकार  कह चुकी है कि ‘लव जिहाद’ जैसा कोई टर्म मौजूदा कानूनों के तहत परिभाषित नहीं किया गया है और इससे जुड़ा कोई मामला केंद्रीय एजेंसियों के संज्ञान में नहीं आया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी है। रेड्डी ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद किसी भी धर्म को स्वीकारने, उस पर अमल करने और उसका प्रचार-प्रसार करने की आजादी देता है।

उन्होंने कहा कि केरल उच्च न्यायालय सहित कई अदालतों ने इस विचार को सही ठहराया है। रेड्डी ने कहा, ‘यह ‘लव जिहाद’ शब्द मौजूदा कानूनों के तहत परिभाषित नहीं है। लव जिहाद का कोई मामला केंद्रीय एजेंसियों के संज्ञान में नहीं आया है।’ उन्होंने यह भी कहा कि एनआईए ने अब तक केरल में अलग-अलग धर्मों के जोड़ों के विवाह के दो मामलों की जांच की है।

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