भोपाल लोकसभा में किस करवट बैठेगा ऊंट?

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ग्राउंड रिपोर्ट| भोपाल

लोकसभा चुनाव 2019 में इस बार भोपाल लोकसभा सीट पर देशभर की निगाहें रहीं हैं. जिसकी कई वजहें हो सकती हैं. लेकिन अब जबकि वोटिंग हो चुकी है तो उम्मीदवारों और पार्टियों के बीच समीकरण की जंग शुरू हो गई है. सभी अपने अपने तौर पर ये समीकरण जुटाने में भिड़ गए हैं. किसे कहां से कितने वोट मिले हैं.

भोपाल में हुई बंपर वोटिंग के बाद राजनैतिक दल अपने अपने हिसाब से जीत हार का गुणा भाग लगा रहे है. विधानसभावार आकंडे खंगाले जा रहे हैं. और समीकरण बैठाए जा रहे है. भोपाल संसदीय सीट में 8 विधानसभा सीटें आती है. इन विधानसभा सीटों पर 65 प्रतिशत वोट डले है. बैरसिया में 2 लाख 16 हजार मतदाता है, जबकि वोट का इस्तेमाल 1 लाख 65 हजार लोगों ने किया. उत्तर विधानसभा में 2 लाख 42 हजार वोटर्स है जिसमें से 1 लाख 61 हजार वोट डाले गए. वहीं नरेला में 3 लाख 18 हजार वोट में 2 लाख 6 हजार मत पड़े है. ऐसे ही दक्षिण पश्चिम में 2 लाख 26 हजार में से 1 लाख 34 हजार, मध्य में 2 लाख 42 हजार में 1 लाख 43 हजार वोट पड़े है. बीजेपी का गढ़ माने जाने वाली गोविंदपुरा में 3 लाख 27 हजार वोट है जिसमे से 2 लाख 26 हजार वोट डाले गए है. हूजूर में 3 लाख 16 हजार कुल मतदाता है जबकि 2 लाख 14 हजार मतदाताओं ने वोट डाले है. सीहोर में 2 लाख एक हजार वोट में से 1 लाख 55 हजार वोट गिरे है.भोपाल में बढ़ा मत प्रतिशत दोनो ही पार्टियां अपने अपने पक्ष में बता रही है. बीजेपी को गोविंदपुरा, हूजूर और सीहोर से बडी लीड की उम्मीद है.

इधर कांग्रेस भी अपने हिसाब से समीकरण लगा रही है.उसे दिग्विजय की करिश्माई रणनीति पर पूरा भरोसा है.कांग्रेस को भोपाल मध्य, सीहोर, बैरसिया और उत्तर से ब़डी लीड की उम्मीद है.

राजनीतिक विश्लेषक भी अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे है.बीजेपी के पक्ष में ध्रुवीकरण जीत का आधार हो सकता है.मोदी फैक्टर के चल जाने का भी अनुमान लगाया जा रहा है.जबकि कांग्रेस के पक्ष में दिग्विजय की सफल रणनीति और टीम कांग्रेस को बताया जा रहा है.

बहरहाल सबके अपने अपने मत हैं.सभी दल माहौल और वोटर को अपने पक्ष में बता रहे हैं.लेकिन जिसका मत 23 तारीख को गिना जाएगा.वो फिलहाल खामोश है.क्योंकि वो अपना काम कर चुका है.अब नतीजों के लिए सिर्फ इंतजार कीजिए.