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Covid-19 : हर जगह लागू हो सकता है ‘भीलवाड़ा मॉडल’, जानिए क्या है इसकी खासियत?

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न्यूज़ डेस्क, ग्राउंड रिपोर्ट:
भारत में कोरोनावायरस के मरीज़ों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। कोरोनावायरस को भारत में व्यापक रूप से फैलने से रोकने को लेकर सरकार हर संभव क़दम उठा रही है। देश में राज्य सरकारें भी लगातार कोरोनावायरस को लेकर हर सख़्त कदम उठा रही हैं। इसी बीच राजस्थान के भीलवाड़ा शहर में कोरोनालायरस को फैलने के रोकने के लिए जो मॉडल अपनाया उसकी चर्चा काफी हो रही है । केंद्र सरकार ने भीलवाड़ा मॉडल को देशभर में अपनाने के संकेत दिए हैं।

रविवार को हुई वीडियो कांफ्रेसिंग में केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिव राजीव गाबा ने कहा कि अब कोरोना देश के 223 जिलों में फैल चुका है। इसलिए सभी को भीलवाड़ा से सीखना चाहिए कि इसे कैसे काबू किया जाता है। बता दें कि भीलवाड़ा देश में ऐसा पहला शहर है जहां 14 दिन से कर्फ्यू के बावजूद और सख्ती करने के लिए 3 से 13 अप्रैल तक महाकर्फ्यू लगाया गया। भीलवाड़ा के प्रशासन ने 20 मार्च को पहला पॉजिटिव केस मिलने के बाद जो प्लान बनाया जो कामयाब रहा।

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राजस्थान के शहर भीलवाड़ा में 19 मार्च को एक ही अस्पताल में दो डॉक्टर कोरोना संक्रमित पाए गए थे। ये दोनों 6,000 से ज्यादा लोगों के संपर्क में आए थे। इससे बाद से यहां कोरोनावायरस का खतरा बढ़ गया था। हालांकि, राज्य सरकार ने भीलवाड़ा में कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए आक्रामक रणनीति बनाई और उस पर काबू पा लिया। 30 मार्च से अब तक यहां पर कोरोना का सिर्फ एक मामला आया है। भीलवाडा में अब तक 27 में 15 मरीज ठीक होकर घर गए। 7 पॉजिटिव की रिपोर्ट निगेटिव आई, केवल 3 संक्रमित ही बचे ।

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क्या है भीलवाड़ा मॉडल ?

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने तुरंत एक्शन लिया और पूरे शहर में कर्फ्यू लगाकर बॉर्डर सील कर दिया गया। जिले की सीमाएं सील करते हुए 14 एंट्री पॉइंट्स पर चेक पोस्ट बनाईं, ताकि कोई भी शहर से न बाहर जा सके और न अंदर आ सके। भीलवाड़ा में कोरोना के आंकड़ों को 27 पर ही रोक दिया गया। 16 हजार स्वास्थ्य कर्मियों की टीम को एक साथ भीलवाड़ा भेजा गया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर स्क्रीनिंग शुरू कर दी।

छह हजार टीमों ने करीब 25 लाख लोगों की स्क्रीनिंग शुरू करा दी। करीब 18 हजार लोग सर्दी-जुखाम से पीड़ित मिले। 1215 लागों काे हाेम आइसाेलेट कर वहां कर्मचारी तैनात किए। करीब एक हजार संदिग्धों को 20 होटलो में क्वारेंटाइन किया गया । नगर परिषद को शहर के 55 ही वार्डों में दो-दो बार हाईपो क्लारोड 1 प्रतिशत के छिड़काव की जिम्मेदारी दी। ताकि संक्रमण फैल न सके। कर्फ्यू के दौरान राशन, फल, सब्जी की होम डिलीवरी की व्यवस्था की गई।

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कोरोना संक्रमण के बाद देश में पहली बार भीलवाड़ा में इस तरह का काम शुरू किया गया और ये कारगर साबित हुआ। भीलवाड़ा में सरकार ने समय रहते तो जरूरी कदम उठाए हैं, वह सराहनीय है। अब भीलवाड़ा मॉडल को देशभर में लागू करने की बात कही जा रही है। कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने प्रदेश के मुख्य सचिव के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भीलवाड़ा में किए गए उपायों की तारीफ करते हुए इस मॉडल को देशभर में लागू करने के संकेत दिए।

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मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा- भीलवाड़ा का मॉडल हम हर जगह लागू कर रहे हैं । यह टीमवर्क है। हेल्थ, पुलिस और सामाजिक साझेदारी के जरिये हम राजस्थान में कोरोना को रोकने की कोशिश में जुटे हैं। भीलवाड़ा का मॉडल हम हर जगह लागू कर रहे हैं।

भीलवाड़ा 27 संक्रमितों और दो मरीजों की मौत के साथ राज्य का सबसे अधिक प्रभावित जिला था, लेकिन यहां 30 मार्च से एक भी कोविड-19 का नया मामला सामने नहीं आया है। वहीं देशभर में अब तक कोरोना के 4067 मामले सामने आ चुके हैं। मौत का आंकड़ा 109 पहुंच गया है। इस महामारी से दुनिया में 1,225,057 से ज्यादा लोग संक्रमित हैं।