BeiDou: चीन ने लॉन्च किया खुद की GPS प्रणाली का अंतिम उपग्रह, सैन्य संचालन में बढ़ी आत्मनिर्भरता

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चीन ने मंगलवार, 23 जून को अपने BeiDou नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (BDS) का अंतिम उपग्रह लॉन्च किया। यह लॉन्च चीन के अपने देसी भूगोल प्रणाली के दशकों से निर्माणाधीन, नये वैश्विक नेविगेशन सिस्टम (Global Navigation System) को पूरा करता है। इस अंतिम BeiDou नेविगेशन सैटेलाइट (BDS) को कक्षा (Orbit) में एक लॉन्ग मार्च 3बी रॉकेट (Long March 3B Rocket) द्वारा लॉन्च किया गया।

यह लॉन्च दक्षिण-पश्चिम चीन में स्थित जिचांग सैटेलाइट लॉन्च सेंटर (Xichang Satellite Launch Center) से किया गया। इस उपग्रह का लॉन्च पिछले हफ्ते, 16 जून को तय हुआ था लेकिन रॉकेट में आई कुछ तकनीकी समस्या के चलते यह सप्ताह भर के लिए टल गया था। हालांकि सारी तकनीकी खराबियों को दुरूस्त कर अंततः इसे 23 जून को सुबह 9:43 बजे लॉन्च कर दिया गया।

30 सैटेलाइट्स से मिलकर बना है चीनी जीपीएस

चीन का ये जीपीएस BeiDou 30 सैटेलाइट से मिलकर बना है। इसमें से 29 सैटेलाइट पहले ही लॉन्च किए जा चुके हैं। बता दें कि अब तक चीन अमेरिकी जीपीएस का उपयोग करता था जिसे यूएस एयरफोर्स कमांड करती है। ऐसे में BeiDou के एक्टिव होने से चीन की अमेरिका पर निर्भरता कम होने में मदद मिलेगी।

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सैन्य संचालन में बढ़ी आत्मनिर्भरता

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन को पहले डर था कि अगर अमेरिका से उसका युद्ध होता है तो उसे जीपीएस की सेवाएं लेने से रोका जा सकता है। लेकिन चीन के पास अब ऐसी प्रणाली है जिसका उपयोग वह स्वतंत्र रूप से अपनी थलसेना, नौसेना और वायुसेना के संचालन में कर सकता है।

BeiDou का अवलोकन
BeiDou नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (BDS) को चीन द्वारा स्वतंत्र रूप से निर्मित और संचालित किया गया है, जो देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक व सामाजिक विकास की जरूरतों पर नज़र रखता है। ‘Beidou’ का नाम हल या “बिग डिपर” नक्षत्र के लिए चीनी शब्द पर रखा गया। Beidou अमेरिका के ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS), रूस के ग्लोनास (GLONASS) और यूरोपीय संघ के गैलीलियो (Galileo) को टक्कर देने का इरादा रखता है।

BeiDou का आर्किटेक्चर
BDS मुख्य रूप से तीन खंडों में युक्त है: अंतरिक्ष खंड (Space Segment), भू खंड (Ground Segment) और उपयोगकर्ता खंड (User Segment) BDS के अंतरिक्ष खंड के जियोस्टेशनरी अर्थ ऑर्बिट (GEO), इंक्लाइन्ड जियो-सिंक्रोनस ऑर्बिट (IGSO) एवं मीडियम अर्थ ऑर्बिट (MEO) में कई सैटेलाइट्स स्थित हैं।

BDS के भू खंड में विभिन्न ग्राउंड स्टेशन होते हैं, जिनमें मास्टर कंट्रोल स्टेशन, टाइम सिंक्रोनाइज़ेशन / अपलिंक स्टेशन, मॉनिटरिंग स्टेशन है, साथ ही इंटर-सैटेलाइट लिंक का संचालन और प्रबंधन सुविधाएं भी शामिल हैं।

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BDS के उपयोगकर्ता खंड में विभिन्न प्रकार के BDS मूल उत्पाद, सिस्टम, और सेवाओं के साथ-साथ अन्य नेविगेशन सिस्टम शामिल हैं। जिसमें बुनियादी उत्पाद जैसे चिप्स, मॉड्यूल और एंटीना, टर्मिनल, एप्लिकेशन सिस्टम एवं एप्लिकेशन सेवाएं शामिल हैं।

BeiDou का इतिहास
चीन ने अपने Beidou सैटेलाइट सिस्टम का विकास 1990 के दशक में किया था। इसकी प्रणाली का विकास तीन चरणों में किया गया:

पहला, 2000-2003 में प्रायोगिक (Experimental) BeiDou नेविगेशन सिस्टम जिसमें 3 उपग्रह शामिल थे। पहला उपग्रह, BeiDou-1A, 30 अक्टूबर 2000 को लॉन्च किया गया था। 2003 तक तीनो उपग्रह कक्षा में लॉन्च हो चुके थे। 2012 के अंत में BeiDou-1 का विघटन किया गया था।

दूसरा, क्षेत्रीय (Regional) BeiDou नेविगेशन सिस्टम जो 2012 तक चीन और पड़ोसी क्षेत्रों पर छा चूका था। दिसंबर 2012 से, यह एशिया-पेसिफिक (Asia-Pacific) क्षेत्र में ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर रहा है।

तीसरा, वैश्विक (Global) BeiDou नेविगेशन सिस्टम; 2015 में, चीन ने वैश्विक कवरेज के लिए थर्ड जेनेरेशन BeiDou सिस्टम (BeiDou-3) लॉन्च किया था। लेकिन BeiDou-3 ने 27 दिसंबर 2018 को वैश्विक सेवाएं प्रदान करना शुरू किया। BeiDou-3 के 35वें और अंतिम उपग्रह को 23 जून 2020 को कक्षा में लॉन्च किया गया।

चाइना एकेडमी ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी (CAST) में BDS-3 उपग्रहों के मुख्य डिजाइनर Chen Zhonggui ने यह जानकारी दी कि इस नई नेविगेशन प्रणाली से नागरिकों के जीवन में बहुत सुधार होगा। Chen ने कहा कि, “BeiDou नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (BDS) टाइम-एंड-स्पेस (Time-and-Space) लोकेशन बेंचमार्क प्रदान करता है जिसका देश के सामाजिक व आर्थिक विकास के साथ-साथ लोगों के जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ेगा। यह नए बुनियादी ढांचे के निर्माण की नींव भी रखेगा जो चीन के अगले चरण में विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।”

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BeiDou उपग्रह जो 23 जून को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया, BeiDou परिवार का 55वां अंतिम उपग्रह है। उपग्रह नेटवर्क को पूरा करना चीन को अरबों डॉलर के जियोलोकेशन सेवा बाजार में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाता है।

बता दें कि चीन ने साल 2000 में पहली बार BeiDou को लॉन्च किया था। तब यह प्रणाली केवल चीन में ही सैटेलाइट नेविगेशन की सुविधा प्रदान करती थी, लेकिन साल 2012 में चीन ने इसका विस्तार एशिया प्रशांत क्षेत्र में जीपीएस सर्विस देने के लिए शुरू के लिए शुरू कर दिया था। अब BiuDou प्रणाली के आखिरी सैटेलाइट लॉन्च होने से चीन को पूरे विश्व में जीपीएस की वैश्विक कवरेज मिल सकेगी।