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Basant Panchami Puja Vidhi: माँ सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए ये है सबसे उपयुक्त पूजा विधि

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बसंत पंचमी पूजा विधि: बसंत पंचमी (Basant Panchami Puja Vidhi) के दिन हम मां सरस्वती की पूजा करते हैं। मां शारदा ज्ञान और बुद्धि की देवी मानी जाती हैं। बसंत पंचमी की पूजा वैसे तो पूरे भारत में अलग -अलग तरीके से मनायी जाती है। जैसे उत्तर प्रदेश ,बिहार और बंगाल में घरों और मंदिरों के अलावा स्कूलों और कालेजों में भी बसंत पंचमी मनायी जाती है। वैसे (Basant Panchami puja vidhi) इस दिन हम सभी को सुबह सूर्योदय से पहले उठकर नहा-धोकर साफ वस्त्र पहने चाहिए। मां सरस्वती को पीला और और सफेद रंग अत्यंत प्रिये है इसलिए सरस्वती पूजा के दिन सफेद या पीले रंग के कपड़े जरूर पहने। इसके बाद किसी ऊंचे स्थान पर मां की मूर्ति या प्रतिमा को स्थापित करें। इसके बाद –

  1. मां सरस्वती की प्रतिमा या मूर्ति को पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें।
  2. अब रोली, चंदन, हल्दी, केसर, चंदन, पीले या सफेद रंग के पुष्प, पीली मिठाई और अक्षत अर्पित करें।
  3. अब पूजा के स्थान पर वाद्य यंत्र और किताबों को अर्पित करें।
  4. सबसे पहले माता सरस्वती का ध्यान करें।
    5.मां सरस्वती की वंदना का पाठ करें।
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या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा माम् पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥1॥

अर्थ: जो विद्या की देवी भगवती सरस्वती कुन्द के फूल, चंद्रमा, हिमराशि और मोती के हार की तरह धवल वर्ण की हैं और जो श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, जिनके हाथ में वीणा-दण्ड शोभायमान है, जिन्होंने श्वेत कमलों पर आसन ग्रहण किया है तथा ब्रह्मा, विष्णु एवं शंकर आदि देवताओं द्वारा जो सदा पूजित हैं, वही संपूर्ण जड़ता और अज्ञान को दूर कर देने वाली मां सरस्वती हमारी रक्षा करें…

शुक्लाम् ब्रह्मविचार सार परमाम् आद्यां जगद्व्यापिनीम्।
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌॥
हस्ते स्फटिकमालिकाम् विदधतीम् पद्मासने संस्थिताम्‌।
वन्दे ताम् परमेश्वरीम् भगवतीम् बुद्धिप्रदाम् शारदाम्‌॥2॥

अर्थ : शुक्लवर्ण वाली, संपूर्ण चराचर जगत्‌ में व्याप्त, आदिशक्ति, परब्रह्म के विषय में किए गए विचार एवं चिंतन के सार रूप परम उत्कर्ष को धारण करने वाली, सभी भयों से भयदान देने वाली, अज्ञान के अंधेरे को मिटाने वाली, हाथों में वीणा, पुस्तक और स्फटिक की माला धारण करने वाली और पद्मासन पर विराजमान बुद्धि प्रदान करने वाली, सर्वोच्च ऐश्वर्य से अलंकृत, भगवती शारदा (सरस्वती देवी) की मैं वंदना करता हूं।

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BASANT PANCHAMI 2021: बसंत पंचमी पर भूलकर भी न करें ये काम

सरस्वती पूजा के दौरान किन बातों का रखें ख्याल-

-बसंत पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठना चाहिए।
-बसंत पंचमी के दिन स्नान करके साफ कपड़े पहनने चाहिए।
-बसंत पंचमी के दिन मंदिर की सफाई करनी चाहिए

  • मां सरस्वती को पूजा के दौरान पीली वस्तुएं अर्पित करनी चाहिए।
    -सरस्वती पूजा में पेन, किताब, पेसिंल आदि को जरूर शामिल करना चाहिए और इनकी पूजा करनी चाहिए।
  • बसंत पंचमी के दिन लहसुन, प्याज से बनी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
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बसंत पंचमी 2021 का मुहूर्त
हिन्दू पंचांग के अनुसार, साल 2021 में बसंत पंचमी मंगलवार 16 फरवरी को मनाई जा रही है। इस दिन दुनियाभर में हिन्दू धर्म को मानने वाले बसंत पंचमी को पूरे रीति रिवाजों और धूमधाम से मनाते हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक, इस साल बसंत पंचमी के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 59 मिनट से लेकर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। यानी करीब 05 घंटे 36 मिनट तक बसंत पंचमी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त है। इस दिन आप पूरे विधि विधान के साथ मां सरस्वति की पूजा जरूर करें

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