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बाबरी विध्वंस केस: सभी 32 आरोपी बरी, जज ने कहा आकस्मिक थी घटना

Babri Masjid : कब और कैसे हुआ बाबरी विध्वंस, पढ़िए पूरा घटनाक्रम 1528 से 2020 तक..
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6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी विध्वंस केस (Babri Demolition Case) पर सीबीआई की विशेष अदालत ने बुधवार को अपना फैसला सुनाया। विशेष अदालत ने पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह,  उमा भारती, विनय कटियार समेत कुल 32 आरोपियों को बरी कर दिया है। 

जज ने फैसला पढ़ना शुरू, सूत्रों के मुताबिक जज ने कहा कि पूर्व नियोजित नहीं था विध्वंस, यह आकस्मिक थी घटना। छह दिसंबर, 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने के आपराधिक मामले में 28 साल बाद जज सुरेंद्र कुमार यादव की विशेष अदालत अपना फैसला सुना दिया है। जज ने फैसला पढ़ते हुए कहा है कि यह विध्वंस पूर्व नियोजित नहीं था बल्कि आकस्मिक घटना थी। विशेष अदालत ने  लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी व कल्याण सिंह सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया है।

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बता दें कि इस केस की चार्जशीट में बीजेपी (BJP) के एलके आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह समेत कुल 49 लोगों का नाम शामिल है। जिनमें से 17 लोगों का निधन हो चुका है, बाकि 32 आरोपियों को कोर्ट ने मौजूद रहने के लिए कहा गया था लेकिन 26 आरोपी ही कोर्ट पहुंचे थे. आडवाणी और जोशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे।

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