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देश के लिए ‘कोरोना’ से भी घातक हैं बबीता फोगाट जैसे ‘कम्युनल वायरस’

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समपूर्ण विश्व के लिए ख़तरा बन चुके कोरोना वायरस से आज दुनिया जंग लड़ रही है । दुनिया के अधिकतर देश इस सक्रंमण से मिलकर लड़ रहे हैं । वहीं, भारत में इस बीमारी को एक कम्युनल रूप दे दिया गया है । भारतीए मीडिया ने कोरोना को लेकर ऐसी कम्युनल रिपोर्टिंग और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बेबुनियाद, झूठी ख़बरें दिखाई जिसके बाद इस मुश्किल घड़ी में भी लोग मुस्लमानों के साथ ग़लत व्यहवार करने लगे । उनका बॉयकाट किया जाने लगा औऱ हमले होने लगे । दुनिया को अपनी चपेट में ले चुके कोरोनावायरस (covid-19) के कारण भारत में स्थिति खराब होती जा रही है।

वहीं, भारत में पहलवान बबीता फोगाट ने जमातियों को लेकर लगातार बेहद ही घटिया और समाज को तोड़ने वाले ट्विट किए जिसपर उनकी जमकर आलोचना शुरू हो गई । पहलवान और भाजपा नेत्री बबिता फोगाट ने फिर मुसलमानों के ख़िलाफ़ ट्वीट कर लगातार ज़हर उगला रही हैं। देश के लिए पदक लाकर कभी देश को गर्व करवाने वाली बबिता अब सिर्फ नफ़रत फैलाने के लिए सुर्खियों में है।

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इस बार उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘कोरोना वायरस भारत की दूसरे नंबर की सबसे बड़ी समस्या है। जाहिल जमाती अभी भी पहले नंबर पर बना हुआ है।”

बताते चलें कि इससे पहले भी बबिता ने निज़ामुद्दीन मामले में भी अशोभनीय और गलत भाषा का प्रयोग करते हुए ट्वीट किया था जिसके चलते ट्विटर ने उनके एकाउंट पर कार्रवाई भी की थी। अपने ट्विटर एकाउंट को निलंबित होने से बचाने के लिए उन्होंने उस ट्वीट को डिलीट कर दिया।

यूजर्स ने बबीता पर कहा, ‘‘एक मुसलमान ने फ़िल्म बनाकर फेमस कर दिया, वरना इस देश में क्रिकेट को छोड़कर अन्य खिलाड़ी कई साल बाद गोलगप्पे बेचते नजर आए हैं।’’ एक अन्य यूजर ने कहा, ‘‘कोरोनावायरस की समस्या भारत मे अभी भी दूसरे नंबर पर हैं, पहले नंबर पर अभी भी जहरीले गोबरभक्तों ने कब्जा जमाया हुआ है।’’ इनको सभी को बजरंग पुनिया ने ट्वीट करते हुए जवाब दिया।

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जब देश मुश्किल वक्त से गुज़र रहा है तब बबीता जैसे लोग देश में हिंदू-मुस्लमान कर रहे हैं। देश के माहोल को कम्युनल कर रहे हैं। समाज में एक खिलाड़ी की सबसे अलग पहचान होती है मगर बबीता जैसे खिलाड़ी की पहचान अब उनके खेल से नहीं बल्कि एक ख़ास समुदाए को ग़ाली देने से होगी। ऐसे लोग देश और समाज की एकता के लिए गंभीर ख़तरा बनते जा रहे हैं।

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लेखक के निजी विचार हैं..