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बाबा रामदेव को है महंगाई की कसक, न जता सकते हैं न छुपा सकते हैं

बाबा रामदेव कोरोना दवा पर
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न्यूज़ डेस्क।। बाबा रामदेव एक ऐसा नाम जिनके उदय की कहानी से हम सभी परिचित हैं। यूपीए 2 के समय में कालाधान, भ्रष्टाचार के खिलाफ़ आंदोलन खड़ा कर रामदेव ने न सिर्फ तत्कालीन सरकार से लोहा लिया बल्कि मोदी सरकार का हर मोर्चे पर खुल कर समर्थन किया। बाबा रामदेव आज बड़ा नाम है, स्वदेशी की मशाल हाथ में लिए रामदेव ने पूरे देश को पतंजलिमय कर दिया। सोडा, साबुन, दंतमंजन से लेकर दूध-दही तक आज देश में दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली हर चीज़ पतंजलि उपलब्ध करवा रहा है। जितना सहयोग रामदेव ने मोदी का किया उतना ही योगदान मोदी सरकार का रामदेव को खड़ा करने में रहा। आज बाबा रामदेव महंगाई और कालाधन के मुद्दों पर कम बोलते हैं। वो जानते हैं देश में महंगाई और कालाधन का मुद्दा न सिर्फ जस का तस बना हुआ बल्कि पिछली सरकार की तुलना में कहीं ज़्यादा बुरी स्थित में है। लेकिन वो मौन हैं, आखिर क्यों? क्या बाबा रामदेव के लिए आज जनहित से बढ़कर पतंजलि योगपीठ का हित है, या यूं कहें की वो पतंजलि के हित को ही जनहित मान बैठे हैं। जनता उनसे जवाब मांग रही है। कहां है वो रामदेव जिसे खुद से ज़्यादा चिंता महंगाई, भ्रष्टाचार और जनहित की हुआ करती थी?

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हाल ही में बाबा रामदेव ने एनडीटीवी के कॉनक्लेव ‘युवा’ में शिरकत की और बेबाकि से हर सवाल का जवाब दिया। बाबा रामदेव ने यह माना की देश में महंगाई बहुत बढ़ गई है और 2019 में यह मोदी सरकार को बहुत भारी पढ़ने वाली है। ऑडियंस में से एक शख्स ने जब सवाल किया की आप अब आर्थिक मुद्दों पर कम बोलते हैं, तो रामदेव ने कहा की यह बात सच है की उन्होने अब सरकार की नीतियों पर बोलना कम कर दिया है और इन सब मुद्दों से दूरी बना कर रखी है। देश में बढ़ रही पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों पर बोलते हुए रामदेव ने कहा की सरकार को इस पर नियंत्रण करना चाहिए और जल्द से जल्द पेट्रोल-डीज़ल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए। जब बाबा से पूछा गया की क्या वो भविष्य में पेट्रोल पंप भी खोलने वाले हैं, तो हंसते हुए बाबा ने कहा की नहीं वो पेट्रोल पंप नही खोलने वाले, लेकिन अगर वो ऐसा करते तो पेट्रोल-डीज़ल 40-50 रुपए लीटर बेचते। इन बातों से यह ज़ाहिर होता है की फिलहाल बाबा रामदेव सरकार से दुश्मनी मोल लेने के मूड में नहीं है। लेकिन जाने आनजाने ही सही उनका यह तीर सरकार को चुभ ही गया है। बाबा रामदेव का यह बयान तुरंत ही देश में सुर्खी बन गया।