पत्रकार आतिश तासीर ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ़ लिखने की चुकाई कीमत?

ग्राउंड रिपोर्ट। न्यूज़ डेस्क

आतिश तासीर जो अंतर्राष्ट्रीय मैग्ज़ीन टाईम में प्रधानमंत्री मोदी पर लिखे एक लेख की वजह से चर्चा में आए थे, दोबारा सुर्खियों में हैं। दरअसल सरकार ने लेखक और पत्रकार आतिश तासीर का ओसीआई कार्ड रद्द कर दिया है। गृहमंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट कर कहा कि आतिश तासीर ने यह बात छिपाई थी कि उनके पिता पाकिस्तानी मूल के थे। इसलिए 1955 नागरिकता अधिनियम के तहत वे भारत द्वारा जारी ओसीआई कार्ड रखने योग्य नहीं है।

सवाल यहां यह है कि गृहमंत्रालय इतने सालों बाद क्यों जागा? आपको बता दें कि ओसीआई यानी ओवरसीज़ सिटिज़न ऑफ इंडिया कार्ड भारतीय मूल के विदेशी लोगों को सरकार जारी करती है। जिसकी मदद से वे भारत आकर सहूलियत से अपने काम कर सकते हैं।

आतिश तासिर जाने माने पत्रकार और लेखक हैं, उनके पिता सलमान तासिर पाकिस्तान के उदारवादी नेता थे। पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून के खिलाफ़ लिखने पर उन्ही के अंगरक्षक ने उनकी हत्या कर दी थी। उनकी मां भारत की जानी मानी पत्रकार तवलीन सिंह हैं। तासिर नई दिल्ली में ही पले-बढ़े उसके बाद पढ़ाई के लिए ब्रिटेन चले गए और वहीं के नागरिक हो गए। वे अपनी मां तवलीन सिंह के पास नई दिल्ली आते रहे हैं। लेकिन सरकार के इस कदम के बाद उन्हें थोड़ी मुश्किल का सामना करना होगा।

आतिश तासीर टाईम मैग्ज़ीन में स्वतंत्र पत्रकार के रुप में काम करते हैं। टाईम मैग्ज़ीन ने उनके लिखे लेख को अपनी कवर स्टोरी बनाया था जिसका शीर्षक था “इंडियाज़ डिवाईडर इन चीफ” यह प्रधानमंत्री मोदी पर लिखा गया था। भारत में इस लेख पर खूब विवाद हुआ था। आतिश तासीर ने ओसीआई रद्द किये जाने पर कहा कि यह एक “कुटिल योजना” के तहत ख़त्म किया गया है।