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‘बांध की तरह मजबूत’ हैं IIT गुवाहाटी के छात्रों के इरादे, बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचा रहे राहत सामग्री

Assam-bihar Flood: IIT Guwahati community have started flood relief activity
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(Assam-bihar Flood: IIT Guwahati community have started flood relief activity) असम-बिहार इस वक़्त बाढ़ की ज़बरदस्त मार झेल रहा है। बिहार के 16 ज़िले बाढ़ की चपेट में हैं। प्रदेश में आई बाढ़ के चलते 77 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। प्रकृति की इस मार के आगे हर कोई बेबस है लेकिन एक बांध की तरह मजबूत हैं उन युवाओं के इरादे जो बाढ़ पीड़ितों तक हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं। हम बात कर रहे हैं उन IIT-गुवाहाटी के छात्रों की जो हर बार की तरह इस वर्ष भी बाढ़ पीडितों की मदद कर रहे हैं।

वहीं, असम में भी बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। राज्य में अब तक कम से कम 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, तिनसुकिया जिले बागजान में क्षतिग्रस्त गैस कुएं में आग बुझाने के सारे कार्य स्थगित कर दिए गए हैं क्योंकि वहां बाढ़ का पानी घुस गया है। अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ का पानी राज्य के 33 में से 21 जिलों में प्रवेश कर चुका है, जिससे 30 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

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IIT-गुवाहाटी के छात्र बने बाढ़ पीड़ितों के मददगार
असम में बाढ़ के दौरान पिछले कुछ वर्षो से लगातार राहत कैंप लगाकर आईआईटी गुवाहाटी के छात्र बाढ पीड़ितों की मदद करते रहे हैं। इस वक़्त जब असम बाढ की ज़बरदस्त चपेट में तब IIT-गुवाहाटी के छात्रों ने आसाम फ्लड रिलीफ़ कैंप लगाकर असम में मदद पहुंचाई है। ये मदद जारी रहे इसलिए छात्र देशभर के लोगों से फंड देने की अपील भी कर रहे हैं। देशभर से लोग काफी मदद भी कर रहे हैं। छात्र बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए गांव में मदद पहुंचा रहे हैं।

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पीड़ितों तक साफ पानी और फूड
छात्रों ने गांव के लोगों की मदद से मोरीगांव जिले के बरपेटा, नलबाड़ी और बक्सा जिलों के कुछ बाढ़ प्रभावित गांवों पहुंच कर ज़रूरी चीज़ों का वितरण किया। अभी तक ये छात्र 3000 से अधिक लोगों तक मदद पहुंचा चुके हैं। बाढ़ में फसे लोगों तक पीने का साफ़ पानी भी दिया जा रहा है।

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7 अगस्त से शुरू सिलसिला, दर्जनों गांव तक पहुंचाई जा रही मदद
7 अगस्त से छात्रों द्वारा शुरू किए गए आसाम बाढ़ राहत कैंप की सहायता से एसम के 4 ज़िलों के दर्जनों गांव में अब तक तक मदद पहुंचाई जा चुकी है। आटा, दाल,चावल,तेल और अन्य ज़रूरी सामान भी बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचाया गया। इसके साथ ही पीने का साफ पानी, सैनिटरी पैड और मास्क भी वितरण किए गए।

असम के बाद अगला मिशन बिहार
IIT-गुवाहाटी के छात्रों को जो टीम राहत कैंप की शुरूआत कर मदद करती आई है उसमें Nilkamal Kalita, PhD Scholar, Centre for Rural Technology, IIT Guwahati. 2. Kamal Narayan Baruah, Ph.D. scholar, Center for Rural Technology, IIT Guwahati 3. Imran Hussain, Ph.D. scholar, Chemical Engineering, IIT Guwahati 4. Imrad Islam, M. Tech. in Civil Engineering, IIT Guwahati छात्र शामिल हैं। IIT-गुवाहाटी के छात्र जल्द ही असम के बाद बिहार में भी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए तैयार रहें। छात्रों का कहना है कि असम के बाद उनका अगला मिशन बिहार है।

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बता दें कि बिहार में बाढ़ का कहर जारी है। बाढ़ से यहां 25 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 16 जिलों के 77.77 लाख लोग इससे बुरी तरह प्रभावित हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, बिहार में बाढ़ से सबसे ज्यादा मौतें दरभंगा जिले में हुई हैं। यहां मरने वालों का संख्या 11 तक पहुंच गई है। दरभंगा के अलावा सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज और पूर्वी चम्पारण के लोग भी बाढ़ से बुरी तरह परेशान हैं।

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