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‘अर्नब गोस्वामी से 12 घंटे पूछताछ में पूछा गया कहां से आया चैनल के लिए पैसा’

Arnab Goswami case in Supreme court
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Ground Report | News Desk

रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। उनके खिलाफ लाईव शो में सोनिया गांधी पर टिपण्णी करने को लेकर महाराष्ट्र में मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में अर्नब गोस्वामी से 12 घंटे पूछताछ की और कई सवाल किए जिसमें उनसे यह तक पूछा गया कि चैनल चलाने के लिए उनके पास पैसा कहां से आया। इसपर अर्नब गोस्वामी के वकील हरीश साल्वे ने कहां कि उनके मुवक्किल के खिलाफ एक सोची समझी रणनीति के तहत यह मामला चलाया गया है और उनसे पूछे गए सवाल प्रेस की स्वतंत्रता का हनन करते हैं।

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सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में अर्णब की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की कथित मानहानि को लेकर उनके क्लाइंट के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर सही तरीके से जांच नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस ने अर्णब से 12 घंटे तक पूछताछ की और इस दौरान उनसे यह भी पूछा गया कि चैनल के लिए पैसा कहां से आया।

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जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की बेंच ने 14-15 अप्रैल को रिपब्लिक टीवी पर प्रसारित हुए कार्यक्रम को लेकर अर्णब गोस्वामी के खिलाफ 2 मई को मुंबई में दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई की। 

”याचिकाकर्ता के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज कराए गए हैं। इस मामले में जांच की प्रकृति ने स्पष्ट कर दिया है कि यह याचिकाकर्ता के खिलाफ एक रणनीति है।”
हरीश साल्वे

याचिकाकर्ता अर्णब गोस्वामी के वकील हरीश साल्वे ने कहा, ”याचिकाकर्ता के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज कराए गए हैं। इस मामले में जांच की प्रकृति ने स्पष्ट कर दिया है कि यह याचिकाकर्ता के खिलाफ एक रणनीति है।”

उन्होंने कहा, ”पुलिस ने गोस्वामी से 12 घंटे तक पूछताछ की। क्या इस मामले में दर्ज एफआईआर पर पूछताछ के लिए इतने समय की जरूरत है? नहीं है। उनसे संपादकीय टीम, सामग्री और कंपनी के फंड को लेकर पुलिस ने सवाल पूछे।” 
 
मुंबई पुलिस की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए साल्वे ने कहा कहा कि जांच सही तरीके से नहीं हो रही है और सर्वोच्च अदालत से इस मामले को देखने की अपील की। साल्वे ने कहा, ”पैसा कहां से आया और इस तरह के अन्य सवाल गोस्वामी से पूछे गए। प्रेस की स्वतंत्रता पर इसका असर हो सकता है।”

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क्या है मामला?

अर्नब गोस्वामी महाराष्ट्र के पालघर (Palghar Lynching) में दो संतो की पीट पीट कर हुई हत्या पर डिबेट कर रहे थे, तब उन्होंने लाईव शो में कहा “अगर कोई ईसाई या मुस्लिम धर्मगुरु को मारा गया होता तो सोनिया गांधी इस तरह मौन नहीं रहती मुझे लगता है कि वे आज मन ही मन खुश होंगी की देखो मेरे राज्य में जहां कांग्रेस सत्ता में भागीदार है वहा एक हिंदू संत मारा गया। मुझे लगता है सोनिया गांधी इटली रिपोर्ट भेजेंगी और कहेंगी देखो हमारे राज्य में हिंदू संता मारा गया है। “ इस टिपण्णी के बाद महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ मे उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

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