पाकिस्तान : आतंकवादी संगठन सिपाह-ए-सहाबा का एलान, शियाओं का करो क़त्लेआम..

पाकिस्तान : आतंकवादी संगठन सिपाह-ए-सहाबा का ऐलान, शियाओं का करो क़त्लेआम..

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

कराची में शुक्रवार को शिया विरोधी प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए जिससे सांप्रदायिक दंगा भड़कने की आशंका है। देश में सोशल मीडिया पर लिखे गए पोस्ट, प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियोज  सांप्रदायिक दंगे को भड़काने की संभावना को प्रबल कर रहे हैं।

इन वीडियोज में आतंकी संगठन सिपाह-ए-सहाबा पाकिस्तान का बैनर हाथ में लिए प्रदर्शनकारी नारे  लगा रहे हैं जिसमें कहा  जा रहा है, ‘शिया काफिर हैं’। सालों से शियाओं की हत्या से यह आतंकी संगठन जुड़ा है। पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर शिया जनसंहार हैशटैग (Shia Genocide) ट्रेंड करने लगा। 

इमरान खान के पाकिस्तान में हिंदुओं और इसाईयों पर जुल्म-ओ-ज्यादती तो आम है मगर अब वहां की हुकूमत मुसलमानों के भी खून की प्यासी हो गई है। फर्क बस इतना है कि ये मुसलमान दूसरे मजहबों की तरह अल्पसंख्यक हैं। सुन्नी बाहुल पाकिस्तान में शिया संप्रदाय के मुसलमानों पर भी जुल्म की इंतेहा हो गई है।

आतंकवादी संगठन सिपाह-ए-सहाबा करता रहा है शियाओं का कत्लेआम

ऐसा नहीं कि शिया समुदाय के खिलाफ पाकिस्तान में अचानक से ये नफरत की आग भड़की है। यहां से शियाओं को हमेशा-हमेशा के लिए मिटा डालने की साजिश कई साल पहले रची गई। पाकिस्तान की हुकूमत से लेकर बड़े-बड़े हुक्मरान इस साजिश का हिस्सा रहे और आजकल इस नफरत की आग को ज्यादा से ज्यादा फैलाने की जिम्मेदारी जिसने उठा रखी है। उसका नाम है सिपाह-ए-सहाबा।

READ:  Prime Minister’s Research Fellowship Scheme में हुए बड़े बदलाव, जानें खास बातें

शिया समुदाय के खिलाफ पाकिस्तान के नफरती सौदागर लगातार ज़हर उगल रहे हैं। ज़हर की पाकिस्तान की पाक जमीन से काफिर शियाओं का सफाया करो। ज़हर की शियाओं को चुन-चुनकर इस मुल्क से हमेशा के लिए मिटा डालो और ज़हर की शियाओं पर इतना जुल्म ढाओ की वो हमेशा-हमेशा के लिए पाकिस्तान छोड़कर चले जाएं। 

सिपाह ए सहाबा एक आतंकी संगठन है जो पाकिस्तान से शियाओं का वजूद हमेशा-हमेशा के लिए मिटा डालना चाहता है। शुक्रवार को कराची में जो रैली निकाली गई। उसके पीछे भी इसी का हाथ बताया जा रहा है। सिपाह ए सहाबा के नेताओं ने मंच से गैर शियाओं को भड़काने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।

READ:  अमिश देवगन के ख़िलाफ FIR रद्द करने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार

पाकिस्तान के शिया मुसलमानओं को अब कुछ नजर नहीं आता या तो सामने सिर्फ घुप्प अंधेरा नजर आता है या फिर नजर आता है। अपनों का वो खून जो जाने कब, कहां और किस दिन किस सड़क पर बहता नजर आए। इनमें से कुछ बदनसीब ऐसे भी हैं जिनकी सालोंसाल तक कोई खबर नहीं आती।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार,  पिछले माह मुहर्ररम पर आशूरा  जुलूस  के ब्रॉडकास्ट के दौरान देश में कुछ मुख्य शिया नेताओं ने इस्लाम विरोधी अपमानजनक बयान दिए थे जिसके बाद कराची में यह प्रदर्शन हुआ। एक्टिविस्ट आफरीन ने बताया कि अनेकों शिया मुस्लिमों पर धार्मिक आलेखों को पढ़ने और आशूरा जुलूस में हिस्सा लेने के लिए हमला किया गया। 

5 साल में सैकड़ों शिया मुसलमानों की गई हत्या

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान में पिछले पांच सालों में शिया मुसलमानों के खिलाफ हिंसा काफी बढ़ गई है। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में शिया मुसलमानों की हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद हत्यारे खून से ही शियाओं के घर के बाहर ”शिया काफिर हैं” भी लिखते हैं। इसके अलावा कई शिया समुदाय के युवा, महिलाएं अभी लापता हैं।

READ:  ज्योतिरादित्य सिंधिया की फोटो शेयर कर दी जा रही नागपंचमी की बधाई

कुछ साल पहले तक शिया समुदाय के लोगों को मैसेज के जरिए पहले धमकी दी जाती थी और फिर ग्रेनेड से हमला कर उनकी हत्या कर देते थे। शिया मुसलमानों पर हिंसा करने का आरोप आतंकी संगठन एसएसपी पर ही है।

शियाओं के साथ पाकिस्तान में जैसा सलूक होता है  जितनी बेरहमी की जाती है जितने अत्याचार होते हैं उसे देख किसी का भी दिल दहल जाएगा। पाकिस्तान शिया मुसलमानों के लिए कब्रगाह है। पाकिस्तान में बहुसंख्यक मुसलमान सुन्नी हैं।

पाकिस्तान की तकरीबन 20 करोड़ की आबादी में लगभग 20 फीसदी हिस्सा शिया मुसलमानों का है। लेकिन पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां शिया समुदाय के लोगों को गायब कर रही है और शियाओं की आबादी लगातार कम होती जा रही है।

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें [email protected] पर मेल कर सकते हैं।