तो इसलिए बनाया गया था फडणवीस को 3 दिन का CM, BJP मंत्री ने खोले राज़

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

ग्राउंड रिपोर्ट | न्यूज़ डेस्क

बीजेपी के मंत्री अनंत हेगड़े का एक वीडियो सुर्खियों में है जिसमे वे महाराष्ट्र में 3 दिन के लिए सीएम बने फडणवीस का बड़ा राज़ खोल रहे हैं। वो वीडियो में कह रहे हैं कि फडणवीस ने 80 घंटे में केंद्र सरकार के 40 हज़ार करोड़ रुपये बचा लिए। आपको याद होगा कि फडणवीस को आनन फानन में शपथ दिलाई गई थी और उसके तुरंत बाद ही उन्होंने कार्यभार संभाल लिया था। विपक्ष ने तब सवाल खड़े किए थे कि आखिर इतनी जल्दी-जल्दी सबकुछ क्यों किया जा रहा है। इस बात की परतें अब खुलती नज़र आ रही है। NCP नेता नवाब मालिक ने इस वीडियो के सामने आने के बाद कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो प्रधानमंत्री मोदी को इस्तीफ़ा देना चाहिए क्योंकि केंद्र किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं कर सकता। इस बयान पर फडणवीस ने सफाई देते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। चाहे तो कोई भी जांच करा ली जाए।

फडणवीस ने 15 घंटे में पैसे सुरक्षित कर दिए: हेगड़े

कर्नाटकके उत्तर कन्नड़ जिले में स्थितयेल्लापुर में चुनावीसभा के दौरान हेगड़े ने कहा कि कई लोग हमसे पूछ रहे हैं कि जब हमारे पास बहुमत नहीं था, तो फडणवीस मुख्यमंत्री क्यों बने? उन्होंने इतना ड्रामा क्यों किया? इस पर बताना चाहता हूं कि एक मुख्यमंत्री के पास केंद्र के 40 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच होती है। उन्हें (फडणवीस को ) पता था कि अगर शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस सरकार बन गई, तो वो विकास के लिए तय किए गए फंड का गलत इस्तेमाल करेगी। इसलिए यह ड्रामा किया गया।

ALSO READ:  मुंबई-महाराष्ट्र में भारी बारिश, रेड अलर्ट जारी, ज़रूरी होने पर ही घर से निकलने की सलाह

हेगड़े ने कहा कि इसके लिए पहले से ही योजना तैयार थी, जब हमें लग गया कि तीनों पार्टियां साथ में सरकार बनाएंगी, तो फडणवीस ने शपथ ले ली। अगले 15 घंटों में फडणवीस ने तय कर दिया कि पैसा वहां पहुंच जाए, जहां यह सुरक्षित हो। पूरा पैसा केंद्र सरकार के पास भेज दिया गया। वरना अगले मुख्यमंत्री ने जरूर ही पैसे का गलत इस्तेमाल कर लिया होता।

5 साल तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके फडणवीस का दूसरा कार्यकाल चार दिन भी नहीं चला था। फडणवीस ने अजित पवार के भरोसे पर 23 नवंबर को आनन-फानन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली थी। अजित को उप-मुख्यमंत्री बनाया था। 26 नवंबर की सुबह सुप्रीम कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट पर फैसला सुनाया और दोपहर को घंटेभर के अंदर अजित पवार और फडणवीस ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। फडणवीस राज्य के सबसे कम समय तक मुख्यमंत्री रहे। हालांकि, पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले वह राज्य के दूसरे मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.