किसानों के प्रदर्शन पर क्या बोले अमित शाह

किसानों के आगे झुके अमित शाह, लेकिन रख दी एक शर्त

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छह राज्यों के 500 संगठनों से जुड़े किसान नए कृषि कानूनों का विरोध करने दिल्ली आ चुके हैं। सरकार ने इनको दिल्ली आने से रोकने के लिए भरसक प्रयास किए लेकिन किसानों के गुस्से के आगे सरकार के बैरिकेड, वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोले टिक नहीं पाए। किसानों का विरोध प्रदर्शन अब कई दिनों तक दिल्ली में चलेगा। सरकार ने स्थिति को देखते हुए बातचीत की पेशकश कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा है सरकार किसान की हर मांग और समस्या पर विचार करने के लिए तैयार है। लेकिन अमित शाह ने इसके साथ ही एक शर्त भी रखी है। आईये जानते हैं वो क्या शर्त है-

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क्या कहा अमित शाह ने?

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ”मैं प्रदर्शन कर रहे किसानों से अपील करता हूं कि भारत सरकार बातचीत करने के लिए तैयार है। किसानों को कृषि मंत्री ने 3 दिसंबर को बातचीत करने के लिए बुलाया है। सरकार किसानों की मांगों और सभी समस्याओं पर विचार करने के लिए तैयार है। कई स्थानों पर, किसान इस ठंड में अपने ट्रैक्टरों और ट्रॉलियों के साथ रह रहे हैं। मैं उनसे अपील करता हूं कि दिल्ली पुलिस आपको बड़े मैदान में ले जाने के लिए तैयार है, कृपया वहां जाएं। आपको वहां कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी जाएगी। अगर किसान संघ 3 दिसंबर से पहले बातचीत करना चाहते हैं तो फिर मैं आश्वस्त करता हूं कि जैसे ही आप अपने प्रदर्शन को अनुमति दी गई वाली जगह पर शिफ्ट करते हैं, हमारी सरकार उसके अगले दिन ही आपकी चिंताओं को दूर करने के लिए बातचीत आयोजित करेगी।

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