Jharkhand Election 2019, JMM, Congress, hemant soren, cm hemant soren, BJP, PM Modi, Amit Shah, Rahul Gandhi, Raghuvar Das, Saryu rai,

अमित शाह सीख रहे बांग्ला, ममता दीदी हिंदी

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

ग्राउंड रिपोर्ट | न्यूज़ डेस्क

चुनाव क्या न करवाए? जी हां खबर है कि अमित शाह बंगाल चुनाव की तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। इस बार भाजपा हर हाल में बंगाल से ममता बनर्जी को बाहर कर देना चाहती है। इसलिए अमित शाह ने बांग्ला भाषा सीखना भी शुरू कर दिया है। इसके लिए उन्होंने एक ट्यूटर भी रख लिया है। वैसे अभी बंगाल चुनावों में 1 साल का वक्त बाकी है। और साल भर में तो अमित शाह बेहतरीन बंगाली बोलना सीख जाएंगे। कहते हैं मतदाताओं से उन्ही की भाषा में संवाद करो तो ज़्यादा असर होता है। इसीलिए हम प्रधानमंत्री मोदी को हर सभा में वहां की स्थानीय भाषा में भाषण की शुरुवात करते हुए देखते हैं। रैली में खड़ी जनता का जोश भी उस समय बढ़ जाता है।

हिंदी पट्टी के नेताओं के लिए भाषा एक बहुत बड़ा रोड़ा रही है, पूर्वी और दक्षिणी राज्यों तक पहुंच बनाने में। इसीलिए यहां स्थानीय पार्टियां ज़्यादा लोकप्रिय रही हैं और क्षेत्रीय पार्टीयों के नेता हिंदी न जानने की वजह से राष्ट्रीय राजनीति में चमक नहीं पाते। इसलिए हम देख सकते हैं कि ममता बनर्जी जो एक दिन प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचने का ख्वाब रखती हैं। काफी पहले ही हिंदी सीखना शुरू कर चुकी हैं।

बंगाल चुनाव भाजपा के लिए सबसे अहम चुनावों में से एक है। करीब 2 दशक तक बंगाल पर वामपंथियों का शासन रहा उसके बाद ममता बनर्जी का। भाजपा यहां पहली बार सरकार बनाने के लिए आतुर है। भाजपा पिछले कुछ सालों में बंगाल में अच्छी खासी पैठ जमाने में भी कामयाब रही है।

ममता बनर्जी चुनावों में मां माटी मानुष का नारा लिए चल रही हैं। वो अमित शाह को बाहरी करार देते हुए, बांग्ला अस्मिता का उदघोष करती हैं। भाजपा के चाणक्य इस बात से बखूबी वाकिफ हैं इसीलिए वे अपनी तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।