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Coronavirus: जानबूझकर काम करने ऑफिस गया कोरोना मरीज, 7 की मौत, 300 क्वारंटाइन

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Coronavirus देश-दुनिया में कोरोना वायरस के कई मामले सामने आ रहे हैं। लोग जहां सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना से बचने के लिए वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं वहीं एक शख्स कोरोना पॉजिटिव Coronavirus होने के बावजूद काम करने ऑफिस पहुंच गया जिसका खामियाजा ये हुआ कि ऑफिस में काम करने वाले लोग कोरोना की चपेट में आ गए। इसके चलते 7 लोगों की कोरोना से मौत गई जबकि 300 लोगों को क्वारंटाइन होना पड़ा। मामला अमेरिका का है, जहां एक शख्स कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद ऑफिस पहुंच गया और दूसरे लोगों को भी संक्रमित कर दिया। इस शख्स से फैले संक्रमण के बाद ऑफिस के अन्य लोग भी संक्रमण का शिकार हो गए। इनमें से 7 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और 300 अन्य लोगों को क्वारंटाइन होना पड़ा।

बताया जा रहा है कि यह घटना अमेरिका के साउथ ऑरेगन की है। वॉशिंगटन पोस्ट ने इस बारे में एक रिपोर्ट प्रकाशित करते हुए बताया कि लोगों को ऐसी लापरवारी से बचना चाहिए। वैसे भी अमेरिका कोरोना (Coronavirus in US) से सबसे अधिक प्रभावित देशों में से एक है। अब स्वास्थ्य अधिकारी कह रहे हैं कि जरूरी नहीं कि जहां भीड़ जुटे वहीं कोरोना का खतरा अधिक हो, बल्कि एक शख्स भी महामारी को कई गुना तक बढ़ा सकता है।

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वाशिंगटन पोस्ट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना बीते सप्ताह की है। ऑफिस जा रहे शख्स को पता था कि वह कोरोना पॉजिटिव है इसके बावजूद वह जानबूझकर अपने ऑफिस काम करने गया। कोरोना के लक्षण समझ आने पर उस शख्स ने जांच करवाई थी और रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि भी हुई थी। इसके बाद उसे घर पर ही रहते हुए अपना इलाज करवाने की सलाह दी गई थी, लेकिन वह बिना किसी को सूचना दिए ऑफिस चले गया।

इस बारे में डगलस काउंटी के एक स्वास्थ्य अधिकारी बॉब डेननेहोफर ने बताया कि, बीते कुछ दिनों में ऐसे दो मामले सामने आए हैं, जहां एक व्यक्ति की लापरवाही के चलते पूरी सोसायटी को क्वांटाइन करना पड़ा है। अधिकारी अब यह कहने की स्थिति में नहीं है कि दोनों स्थानों पर कितने लोगों में कोरोना का खतरा है। उन्होंने बताया कि हम रेंडम टेस्ट कर रहे हैं। स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इस एक घटना के बाद कम्युनिटी स्प्रेड की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि, अब तक वे बर्थडे पार्टी या ऐसे ही भीड़वाले आयोजनों को सुपर स्प्रेडर यानी कोरोना को तेजी से फैलाने वाले मान रहे थे, लेकिन अब एक-एक मरीज कितना खतरनाक साबित हो सकता है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

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