Home » AIIMS: फैकल्टी मेंबर ने डॉक्टर से कहा, तू SC है, काली बिल्ली की तरह मेरा रास्ता मत काट!

AIIMS: फैकल्टी मेंबर ने डॉक्टर से कहा, तू SC है, काली बिल्ली की तरह मेरा रास्ता मत काट!

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Ground Report News Desk | New Delhi

नई दिल्ली स्थित AIIMS अस्पताल में एक वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर ने सेंटर फॉर डेंटल एजुकेशन एंड रिसर्च (सीडीईआर) के एक फैकल्टी मेंबर के खिलाफ FIR दर्ज़ कराई है। इस FIR में कहा गया है की पिछले महीने फैकल्टी मेंबर ने डॉक्टर के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉक्टर ने अपनी शिकायत में कहा है कि फैकल्टी मेंबर ने उनके लिए “तू एससी है”, “अपना मुंह बंद कर” और “काली बिल्ली की तरह मेरा रास्ता मत काट” जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है।

17 अप्रैल को महिला डॉक्टर ने जाति और धर्म के आधार पर किए जा रहे भेदभाव के चलते आत्महत्या करने की कोशिश की थी। पुलिस ने SC/ST अधिनियम आईपीसी की धारा 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) के तहत एफ़आईआर दर्ज की है।

READ:  IMA claims 734 doctors died from Covid-19, abandoned families need help

इस मामले में दक्षिण दिल्ली रेंज के संयुक्त सीपी देवेश श्रीवास्तव ने बताया कि महिला चिकित्सक द्वारा की गई शिकायत के आधार पर हौज खास पुलिस स्टेशन में एक FIR दर्ज की गई है। उनका बयान दर्ज कर लिया गया है। जांच जारी है।

बता दें महिला डॉक्टर दवा के ओवरडोस के चलते अपने छात्रावास में बेहोश पाई गईं थी। जिसके बाद उनके दोस्तों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था। अब उनकी हालत स्थिर है और जल्द ही उन्हें छुट्टी दे दी जाएगी।

वहीं AIIMS के एक रेजिडेंट डॉक्टर ने कहा, “इस मामले की जांच के लिए एक आंतरिक सहित दो समितियों का गठन किया गया है।”

जनसत्ता की की खबर के मुताबिक, FIR में वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा है कि फैकल्टी मेंबर पिछले दो साल से मेरे खिलाफ भेदभाव कर रहा है। इस बारे में मैंने सीडीईआर प्रमुख से शिकायत भी की है लेकिन हर बार मुझे लिखित शिकायत देने से रोक दिया। डॉक्टर ने आरोप लगाया कि 16 मार्च को फैकल्टी मेंबर ने रोगियों और अटेंडेंट्स के सामने उनके लिए असभ्य भाषा और जातिवादी गालियों का इस्तेमाल किया था।

READ:  West Bengal Violence: Mithun Chakraborty ने क्या कहा?

उन्होंने बताया की एक दिन फैकल्टी मेंबर ने उन्हें हिंसक रूप से उनकी सीट से हटा दिया था और कहा था कि “तू एक एससी है और अपनी हद में रह।” एफआईआर में महिला ने कहा कि इस घटना के बाद उन्होंने फैकल्टी मेंबर से कहा कि वह ऐसी बातें नहीं कह सकते और फिर अन्य रोगियों को देखने चली गईं। उन्हें थोड़ी देर बाद सीडीईआर प्रमुख के कमरे में बुलाया गया। जहां सीडीईआर ने उन पर चिल्लाया और उन्हें कहा कि वे एक फैकल्टी मेंबर के साथ दुर्व्यवहार नहीं कर सकती।