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EMI रुकवाने के लिए आए फोन तो गलती से भी यह मत करना, वरना हो जाएगा सारा पैसा साफ

EMI FRAUD IN LOCKDOWN
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ग्राउंड रिपोर्ट । न्यूज़ डेस्क

लॉकडाउन में लोगों को राहत देने के लिए रिज़र्व बैंक ने लोगों की ईएमआई पर 3 महीने की रोक लगाई है। इस स्कीम का फायदा अब ठगी करने वाले उठा रहे हैं। वे लोगों को 3 महीने EMI न देने का विकल्प चुनने के लिए फोन और SMS करते हैं फिर फोन पर आया OTP मांगते हैं। ओटीपी देते ही उनके अकाउंट से पैसा कटना शुरु हो जाता है। अबतक इस तरह की ठगी का कई लोग शिकार हो चुके हैं। आपको बता दें कि बैंक आपसे इस संबंध में कभी ओटीपी नहीं मांगता।

बैंकों ने ग्राहकों से कहा है कि वे ओटीपी और पिन जैसी संवदेनशील जानकारियां धोखेबाजों को बताने से बचें । एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक समेत कई अन्य बैंकों ने पिछले कुछ दिन के दौरान ग्राहकों को इस बारे में एसएमएस और ईमेल भेजकर सतर्क किया है. उन्होंने ग्राहकों को ठगी के इस नये तरीके के बारे में बताते हुए कहा कि धोखेबाज तथा साइबर अपराधी लोगों की बैंकिंग जानकारियां हासिल करने के लिये ईएमआई राहत योजना का सहारा ले सकते हैं।

एक्सिस बैंक ने ग्राहकों को भेजे ईमेल में कहा कि धोखेबाजों ने बैंकिंग जानकारियां हासिल करने के लिये ठगी का नया तरीका अपनाया है। बैंक ने कहा, ‘‘ये ठग ईएमआई भुगतान टालने का जिक्र कर आपसे ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड और पिन आदि मांग सकते हैं। इनसे सतर्क रहिये। यदि आप ये जानकारियां बतायेंगे तो आपको चूना लग सकता है।”भारतीय स्टेट बैंक ने पांच अप्रैल को ट्वीट कर कहा कि साइबर अपराधी व ठग नये तरीके से लोगों को चूना लगा रहे हैं। इसे लेकर सतर्क और जागरुक रहिये। बैंक ने कहा, ‘‘इस तरीके में ग्राहकों के पास फोन आता है और उनसे कहा जाता है कि ईएमआई भुगतान टालने के लिये ओटीपी बतायें. जैसे ही आप ओटीपी बताते हैं, आपके खाते से पैसे निकाल लिये जाते हैं।”

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उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस से फैली महामारी के मद्देनजर लोगों को नकदी की कमी के संकट से बचाने के लिये विभिन्न बैंकों ने ग्राहकों को तीन महीने तक कर्ज की किस्तें चुकाने से छूट दी है । इससे पहले भारतीय स्टेट बैंक ने पीएम-केयर्स कोष में योगदान का सहारा लेकर की जा सकने वाली धोखाधड़ी के बारे में भी ग्राहकों को सतर्क किया था।

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