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Gandhi Jayanti: ये मीम्स बताते हैं कि हम महात्मा गांधी को कितना कम जानते हैं

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Gandhi jayanti : 2 अक्टूबर(2 October) को भारत में गांधी जयंती(Gandhi jayanti) के रूप में मनाया जाता है। कुछ लोग इस दिन को सिर्फ छुट्टी(gusted holiday) के रूप में देखते है तो कुछ सिर्फ मजाक बनाने के रूप में। आजकाल बढ़ते इंटरनेट के दौर में सबकुछ ऑनलाइन उपलब्ध हो गया है बर्थडे विश से लेकर मरने के शोक तक सबकुछ डिजिटली लोगों तक पहुंचाया जाता है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि लोगों के पास इतना समय ही नहीं कि अपनों के लिए दो पल निकालकर उनसे मिलने जा सकें या उन्हें विष करने के लिए कॉल तक कर सकें। ऐसे में गांधी जयंती से जुड़े कुछ खास जानकारी पेश है –

भारतीय नोट पर गांधी का चित्र

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पहले जो करेंसी प्रचलित थी, उनकी तरह नकली नोट बनाना ज्यादा आसान था, क्योंकि उसमें किसी वस्तु का चित्र था, जबकि गांधीजी के चित्र वाली करेंसी की जगह नकली करेंसी आसानी से नहीं बनाई जा सकती।

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भारतीय करेंसी पर गांधीजी की जो तस्वीर छपी है, वह कोई कैरिकेचर नहीं है, बल्कि उनकी वास्तविक तस्वीर है। गांधीजी की मुस्कुराती हुई यह तस्वीर तब खींची गई थी, जब इंग्लैंड के राजनीतिज्ञ लॉर्ड फ्रेडरिक पेथिक लॉरेंस भारत आए थे। यह तस्वीर वॉइसराय हाउस (राष्ट्रपति भवन) में खींची गई थी।

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गांधी के चित्र का मीम्स में इस्तेमाल

आपको बता दें आजकल के बदलते जमाने में गांधी की फोटो का प्रयोग मीम्स को बनाकर फॉरवर्ड करते के लिए किया जाता है। इसमें तरह तरह के कोट्स लिखकर आगे फॉरवर्ड किया जाता है। बता दें ये गांधी के लिए कोई सम्मानजनक बात नहीं है बल्कि उनको लेकर इस तरह विचारों को बढ़ावा देना गंदगी को बढ़ाने जैसा है। ऐसे ही कुछ गलत लोगों ने मीम के जरिए गांधी की छवि को क्षति पहुंचा चाही है।

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गांधी जयंती पर सिर्फ और सिर्फ छुट्टी का इंतजार

हममें से बहुत से ऐसे लोग भी हैं जो गांधी जयंती को राष्ट्रीय पर्व के रूप में न लेकर बल्कि एक छुट्टी के रूप में देखना ज्यादा पसंद करते हैं। कई बार ऐसा होता है जब लोग इंटरनेट पर यह कहते हुए पर जाते हैं, “यार 2 अक्टूबर संडे को न पड़ता तो एक और छुट्टी मिलती।” ये कुछ वही लोग हैं जिन्हें शायद न तो राष्ट्रीय पर्व से फर्क पड़ता है और न ही अपनी राष्ट्रीयता से।

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मगर इन सब का हल सिर्फ इतना ही है कि ऐसी सारी चीजों को हमारे आस पास में होने से हम जितना ज्यादा दूर रखेंगे इतना बेहतर होगा। इससे न सिर्फ हमारा समाज बल्कि हमारा देश भी अलग रूप में निखरकर सामने आएगा।

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