Mon. Oct 14th, 2019

कानपुर: टैप नालों से गंगा में रोज़ाना गिर रहा 2500 करोड़ लीटर ज़हरीला पानी

जब नरेंद्र मोदी साल 2014 में भारत के प्रधानमंत्री बने तब उन्होंने देश के नागरिकों से एक वायदा किया था. उन्होंने कहा था कि वो प्रदूषित गंगा नदी को साफ करने का काम करेंगे. साल 2015 में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार ने इसके लिए पांच साल का कार्यक्रम की शुरुआत की और 300 करोड़ रुपये भी दिए.

पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ताजा रिपोर्ट ने खोली गंगा सफाई के दावों की पोल

नेहाल रिज़वी । ग्राउंड रिपोर्ट

गंगा सफाई को लेकर प्रशासन से शासन तक बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं. लेकिन, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ताजा रिपोर्ट ने इन दावों की हवा निकाल दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, गंगा में रोजाना करीब 2500 करोड़ लीटर जहरीला पानी गिरना शुरू हो गया है. कुंभ के दौरान टैप किए नाले फिर से खोल दिए गए हैं और एसटीपी भी धीरे-धीरे दगा दे रहे हैं.

टैप नाले खुलने का बाद हुआ बुरा हाल.

बारिश के चलते जल निगम ने टैप नालों को पूरी तरह से गंगा में गिरने के लिए आजाद छोड़ दिया है. सीसामऊ नाला, भैरवघाट, नवाबगंज, गुप्तारघाट, परमट नाले पूरी तरह से गंगा में गिर रहे हैं. नाला सफाई के नाम पर सभी पंपिंग स्टेशन बंद कर दिए गए हैं. इसके चलते 1500 करोड़ लीटर सीवेज गंगा में और 1,000 करोड़ सीवेज पांडु नदी नालों के जरिए गिर रहा है. कुल 2500 करोड़ लीटर जहर गंगा में सीधे गिर रहा है. वहीं सीसामऊ नाले से 60 एमएलडी सीवेज सीधे गंगा में ही जा रहा है. जाजमऊ का 43 एमएलडी प्लांट बंद है. बिनगवां प्लांट में सीसामऊ नाले का 80 एमएलडी सीवेज प्लांट में जाता मिला.

अब तक के प्रयासों से पानी की गुणवत्ता में कोई बदलाव नहीं

सरकार का कहना है कि मार्च 2019 तक गंगा 70 से 80 फीसदी स्वच्छ हो जाएगी और अगले साल तक 100 फीसदी का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा. दिल्ली स्थित शोध संस्था सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरन्मेंट के चंद्र भूषण कहते हैं, “शुरुआत के चार साल बाद, अब तक के प्रयासों से पानी की गुणवत्ता में कोई ख़ास बदलाव आने की उम्मीद नहीं दिख रही है.”उनका मानना है कि मार्च 2019 तक 80 फीसदी गंगा और मार्च 2020 तक पूरी नदी की सफाई का लक्ष्य निश्चित रूप से पूरा नहीं होगा.

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