भारतीय एविएशन सेक्टर में जा सकती है 20 लाख नौकरियां !

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Ground Report । News Desk

एयरलाइंस कंपनियों के वैश्विक संगठन इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ( IATA ) के मुताबिक कोरोना वायरस के कारण भारत के विमानन और उससे जुड़े क्षेत्रों में 20 लाख से अधिक नौकरियों को खतरा है । पहले ही दिक्कतों का सामना कर रहीं एयरलाइंस कंपनियां । आईएटीए में कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (एशिया पैसिफिक) के सहायक निदेशक अल्बर्ट ने कहा कि इस समय भारत सरकार को एयरलाइंस कंपनियों की आर्थिक मदद करनी चाहिए, ताकि इस मुश्किल वक्त से कंपनियां बाहर निकल सकें ।

अल्बर्ट तोजेंग ने कहा, ‘लॉकडाउन से पैदा हुईं स्थितियों से भारतीय एयरलाइन कंपनियां भी अछूती नहीं हैं। यहां यात्री सेवा राजस्व में 8.8 अरब डॉलर से अधिक और यात्रियों की संख्या में 36 प्रतिशत की गिरावट दर्ज होने की संभावना है। इसके चलते एविएशन सेक्टर में 20 लाख से अधिक नौकरियों पर खतरा है। इसमें वे क्षेत्र भी शामिल हैं, जो विमानन पर निर्भर हैं।’ उन्होंने कहा कि सरकार को एयरलाइंस उद्योग के लिए टैक्स और एयरपोर्ट और वैमानिकी शुल्क भी पूरी तरह या आंशिक रूप से माफ कर देने चाहिए।

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समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) के मुताबिक लॉकडाउन के चलते देश में तीन मई तक हवाई सेवाएं निलंबित रहने की वजह से तकरीबन 11 हजार से ज्यादा लोग पहले से ही प्रभावित हुए हैं । इन स्थितियों को देखते हुए कुछ घरेलू विमानन कंपनियों ने लीव विदाउट पे की शुरुआत कर दी है, वहीं कुछ कंपनियों ने पायलटों को निकालना भी शुरू कर दिया है। आईएटीए में 290 एयरलाइंस कंपनियों का संगठन है। इसमें एयर इंडिया, विस्तारा, इंडिगो और स्पाइसजेट भी शामिल हैं।

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